Saturday, April 13, 2024

मेंढक की प्रेरक कहानी | Motivational Moral story In Hindi

हमारे अंदर आपने लक्ष्य प्राप्त करने की क्षमता होती है पर हम अपनी चारो तरफ मौजूद negativity के कारण अपने लक्ष्य से चूक जाते है और ऐसा करके हम एक औसत जीवन जीके गुजार देते है दोस्तों इस बात को समझने के लिए इस आर्टिक्ल में हम मेंढक की प्रेरक कहानी से प्रेरणा लेंगे
 
दोस्तों जरूरत इस बात ही है कि हमे उस बहरे मेंढक की तरह बनना चाहये। हमे हमारे लक्ष्य से भटकने वाले उन सभी द्रश्य के प्रति अंधे और उन सभी आवाज़ की प्रति बहरे हो जाना चाहिए।फिर आपको आपकी मंजिल तक पहुचने से कोई नहीं रोक पायेगा।
 
Motivational Moral story In Hindi

Motivational Moral story In Hindi – मेंढक की प्रेरक कहानी

एक बार छोटे-छोटे मेढकों के एक समूह ने एक competition का आयोजन किया | और उनका लक्ष्य एक कुंवे के सबसे ऊपर तक पहुंचना था। इस competition को देखने के लिए काफी भीड़ जुट गई। वास्तव में, भीड़ में मौजूद कोई भी यह विश्वास नहीं कर रहा था कि छोटे मेंढक कुंवे के टॉप तक पहुंच पाएंगे।

भीड़ में मौजूद लोग अजीबोगरीब बातें करने लगे। कोई कह रहा था कि रास्ता बहुत ही कठिन है। तो किसी ने कहा- इनमें से कोई भी टॉप पर नहीं पहुंच पाएगा। यह कुंवा बहुत ऊंचा है। ये सफल हो जाएं, इसकी कोई उम्मीद ही नहीं है।

ऐसी बातें सुनकर छोटे-छोटे मेंढक बारी-बारी से हिम्मत हारने लगे। सिर्फ वही मेंढक बचे, जिनके अंदर अभी जोश और उम्मीद थी। वह तेजी से ऊपर चढ़ते जा रहे थे। भीड़ का बोलना लगातार जारी था कि बहुत कठिन है ऊपर तक पहुंचना।

कितने मेंढक थककर गिर गए थे यह बातें सुनकर अन्य मेंढक भी हार मानने लगे। लेकिन उन्हीं में से एक मेंढक लगातार ऊंचाई पर चढ़ता जा रहा था। भीड़ की बातें उस पर बेअसर थी। आखिर तक उसने हार नहीं मानी।

अंत में सारे मेंढक भीड़ की बातें सुनकर हार मानकर बैठ गए, लेकिन वह मेंढक आगे बढ़ता गया और आखिर में वह कुंवे के टॉप पर पहुंच गया। ऐसे में थककर बैठे बाकी नन्हें मेढक यह जानना चाह रहे थे कि इस अकेले के लिए यह कैसे संभव हुआ?

एक प्रतिभागी ने उस छोटे मेंढक से पूछा कि लक्ष्य तक पहुंचने की ताकत तुम्हें कहां से मिली? तब पता चला कि वह विजेता मेंढक दरअसल बधिर (बहरा) था।


कहानी से सीख : (Story Moral)
जब लोग आपसे कहें कि आप अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाएंगे, तो बहरे बन जाएं। नकारात्मक लोगों की बातों को न सुनें, क्योंकि वह आपके सपने और इच्छाओं को मार देते हैं। हमेशा सकारात्मक सोचें दोस्तों अपने आसपास की नकारात्मकता को नजरअंदाज करें। सफलता जरूर मिलेगी।

इस कहानी से यही सीख मिलती हैं कि जीवन में सफलता के रास्ते पर चलना है तो सबसे पहले उन लोगों को सुनना बंद कर दें जो आपको सिर्फ निराश करते हैं या फिर नकारात्मक सोच रखते हैं। दूसरी बात ये वहीं चीजें सुनें जो आपको अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करती हे क्योंकि जो हम सुनते हैं उसी से मिलते-जुलते हमारे कार्य होते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों कमेंट के माध्यम से यह बताएं कि “मेंढक की प्रेरक कहानी” वाला यह आर्टिकल आपको कैसा लगा | आप सभी से निवेदन हे की अगर आपको हमारी पोस्ट के माध्यम से सही जानकारी मिले तो अपने जीवन में आवशयक बदलाव जरूर करे फिर भी अगर कुछ क्षति दिखे तो हमारे लिए छोड़ दे और हमे कमेंट करके जरूर बताइए ताकि हम आवश्यक बदलाव कर सके | आपका एक शेयर हमें आपके लिए नए आर्टिकल लाने के लिए प्रेरित करता है | ऐसी ही कहानी के बारेमे जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे
धन्यवाद ! 🙏

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